बिलासपुर: प्रेस क्लब के ‘हमर पहुना’ में पहुंचे SSP रजनेश सिंह, बोले- अपराध नियंत्रण, साइबर सुरक्षा और स्मार्ट पुलिसिंग पर रखी बेबाक राय
बिलासपुर प्रेस क्लब के कार्यक्रम में बोले एसएसपी— 22 आरोपियों को दिलाई उम्रकैद, 9.5 करोड़ की अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त, साइबर ठगी रोकने 'हमर संगवारी' अभियान पर जोर
बिलासपुर, 2 जुलाई 2026 । बिलासपुर प्रेस क्लब के प्रतिष्ठित “हमर पहुना” कार्यक्रम में गुरुवार को जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से खुलकर संवाद करते हुए पुलिस सेवा के अपने अनुभव, बिलासपुर पुलिस की उपलब्धियों, अपराध नियंत्रण, साइबर सुरक्षा और स्मार्ट पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
एसएसपी ने बताया कि बिलासपुर पुलिस ने गंभीर अपराधों के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए अब तक 22 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाई है। वहीं अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों की करीब 9.5 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ जिले में नशे के खिलाफ भी विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। उनका मानना है कि कई गंभीर अपराधों की जड़ में नशा होता है, इसलिए इसके कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई बेहद जरूरी है।
साइबर अपराध को वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए एसएसपी ने कहा कि केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि आम लोगों की जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। इसी उद्देश्य से बिलासपुर पुलिस ग्रामीण क्षेत्रों में थाना स्तर पर “हमर संगवारी” समूह बनाकर लोगों को साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों से बचाव की जानकारी दे रही है।
अपने जीवन सफर का उल्लेख करते हुए रजनेश सिंह ने बताया कि बचपन से ही उनका पुलिस सेवा की ओर विशेष आकर्षण था। स्कूल के पास स्थित एसपी कार्यालय में पुलिस अधिकारियों को देखकर उनके मन में इस सेवा के प्रति रुचि पैदा हुई। ग्वालियर और सिंगरौली में शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने रायपुर से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की और लोक सेवा आयोग के माध्यम से पुलिस सेवा में चयनित हुए। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों सहित कई जिलों में सेवाएं देने के बाद वर्तमान में वे बिलासपुर में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
उन्होंने दुर्ग जिले में पदस्थापना के दौरान 16 डकैती के मामलों के सफल खुलासे का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक, मजबूत सूचना तंत्र और सुनियोजित रणनीति के जरिए इन मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया गया था।
स्मार्ट पुलिसिंग की अवधारणा पर बोलते हुए एसएसपी ने कहा कि बेहतर सूचना तंत्र, जनता का विश्वास और पुलिसकर्मियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना इसकी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने बताया कि पुलिस परिवारों के लिए अस्पताल और कैंटीन जैसी सुविधाओं के विकास पर भी काम किया जा रहा है, जिनमें कुछ परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं जबकि कुछ प्रक्रियाधीन हैं।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने युवाओं से कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक कार्यों में होना चाहिए, ताकि समाज अधिक सुरक्षित और जागरूक बन सके। उन्होंने नागरिकों से अपराधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का भी आग्रह किया।
कार्यक्रम के अंत में बिलासपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजीत मिश्रा ने एसएसपी रजनेश सिंह का शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी, सह सचिव हरिकिशन गंगवानी, कार्यकारिणी सदस्य कैलाश यादव सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।



